अरुण सिंह भी चुनाव मैदान में कूदेंगे !

गाजीपुर। जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके प्रतिनिधि गौतम मिश्र ने सदर विधानसभा सीट के लिए शुक्रवार को नामांकन पत्र खरीदा।
अरुण सिंह एक हत्या के मामले में इन दिनों नैनी जेल में निरुद्ध हैं। उनके चुनाव लड़ने के सवाल पर गौतम मिश्र ने कहा कि अरुण सिंह पर उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं का दबाव पड़ रहा है कि वह चुनाव मैदान में उतरें। निर्दल या कोई दल। इस सवाल पर श्री मिश्र का कहना था कि इसका जवाब बाद में मिलेगा लेकिन वह यह भी जोड़े कि अरुण सिंह का अपना खुद का व्यापक जनाधार है।
मालूम हो कि एक दौर में अरुण सिंह भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। वह 2002 तथा 2007 में भाजपा के टिकट पर जमानियां और 2012 में सदर सीट से चुनाव लड़े। उन चुनावों में वह जीत भले न पाए लेकिन विजेता उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देते रहे। जाहिर था कि हर बार वह सम्मानजनक वोट हासिल किए। इतना कि गाजीपुर में किसी और सीट से भाजपा का कोई उम्मीदवार उतना वोट नहीं बटोर पाए। बल्कि कई जगह तो भाजपा उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए।
अरुण सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में गाजीपुर सीट से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार थे और जब टिकट नहीं मिला तब वह बगावत कर चुनाव लड़ गए थे। अब जबकि अरुण सिंह की फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है तो कई के पेट में ऐंठन शुरू हो गई है।