अरुण सिंह और विशाल सिंह चंचल मिले, बंद कमरे में देर तक गूफ्तगू

गाजीपुर (सुजीत सिंह प्रिंस)। एक बड़ी राजनीतिक घटना मंगलवार की शाम हुई। जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह और एमएलसी विशाल सिंह चंचल की पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में न सिर्फ मुलाकात हुई बल्कि दोनों नेताओं की बंद कमरे में देर तक गूफ्तगू भी हुई। उस दौरान दोनों नेताओं के समर्थक, कार्यकर्ता बाहर मौजूद रहे।
बड़े जनाधारवाले कद्दावार नेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखने वाले अरुण सिंह की एमएलसी विशाल सिंह चंचल से इस मुलाकात को राजनीतिक हलके में महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। वजह यह कि दोनों नेता कमोबेश एक ही वक्त पर पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर पहुंचे थे। सबसे पहले अरुण सिंह का आगमन हुआ और उसके कुछ ही देर बाद एमएलसी पहुंचे। शुरू के कुछ पल उस दौरान दोनों के समर्थक उनके संग मौजूद रहे मगर उसके बाद समर्थक दोनों नेताओं को कमरे से छोड़कर बाहर निकल गए। बल्कि यूं कहा जाए कि उन्हें बाहर निकलने को कहा गया।
अब दोनों नेताओं की बंद कमरे में क्या बातें हुईं। यह तो नहीं मालूम मगर बाहर निकलने पर सामने पड़े करीबी समर्थकों से सामना हुआ और उनकी देहभाषा से यही अंदाजा लगा कि कुछ पूछा-पुछउवल हो रही है।
दरअसल दोनों नेता कभी एक संग नहीं रहे। देखा जाए तो विशाल सिंह चंचल उम्र और राजनीतिक करियर में अरुण सिंह से काफी जूनियर हैं। विशाल सिंह चंचल पहली बार 2017 में एमएलसी बने गए थे। उसके पहले ही अरुण सिंह हत्या के एक मामले में जेल चले गए थे। अलबत्ता, दूसरी बार जब विशाल सिंह चंचल एमएलसी का चुनाव लड़े तो अरुण सिंह के कुछ ‘हार्डकोर’ समर्थक उनके प्रचार अभियान में जरूर मन से लगे रहे।
एक इत्तेफाक यह भी कहा जा सकता है कि अरुण सिंह और विशाल सिंह चंचल की यह मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक तीन दिन पहले हुई है। कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री दोपहर एक बजे पीजी कॉलेज के मैदान में आएंगे और कॉलेज संस्थापक राजेश्वर सिंह की प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है। राजेश्वर सिंह के पुत्र और प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता अजीत सिंह, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, भाजपा के युवा नेता योगेश सिंह, कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.राघवेंद्र पांडेय और डीएम एमपी सिंह, पुलिस कप्तान रोहन पी बोत्रे आदि ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।