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एबीएसए के दुष्कर्मी चालक को 20 साल की कैद

गाजीपुर। मरदह में मासूम छात्रा संग दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में एबीएसए के आरोपित चालक को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये के अर्थ दंड भी लगा। यह फैसला गुरुवार को स्पेशल जज (पॉक्सो) राकेश कुमार ने सुनाया। घटना पिछले साल आठ अक्टूबर की शाम मरदह के कंपोजिट स्कूल में हुई थी। दुष्कर्मी मुन्ना राम उर्फ सोनू उर्फ डबलू तब से जेल में हैं। वह मरदह थाने के बरेंदा गांव का रहने वाला बताया गया है।

मुन्ना राम मरदह की तत्कालीन एबीएसए कल्पना की भाड़े की गाड़ी का चालक था और उनके मुंह लगा था। कल्पना का अपने ऑफिस में ही एक खास कमरा था। उस कमरे में वह प्रायः रात्रि प्रवास भी करती थीं। उस कमरे में मुन्ना राम के अलावा और किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं थी। बल्कि कल्पना के उस खास कमरे में प्रवास के वक्त मुन्ना राम भी उसी कमरे में विश्राम करता था।

घटना के दिन शाम को छुट्टी के बाद कक्षा सात की मासूम छात्रा अपनी सहपाठी संग अपने कंपोजिट स्कूल कैंपस में खेल रही थी। उसी बीच उस पर पिशाच मुन्ना राम की कुनजर पड़ी। वह बच्ची को बहला-फुसला कर अपनी मेडम के उस खास कमरे में ले गया। फिर दरवाजा अंदर से बंद कर कमरे के किचन में उसके संग दरिंदगी शुरू कर दिया। उसके पंजे में जकड़ी मासूम मुक्ति के लिए गिड़गिड़ाती रही। चिल्लाती रही मगर उस पिशाच का रत्तीभर दिल नहीं पसीजा और वह अपनी वाली करके ही दम लिया।

उधर मुन्ना राम की रोज-रोज की हरकतों से आजिज अगल-बगल के लोग एबीएसए के खास कमरे में उस बालिका को ले जाते वक्त मोबाइल फोन से वीडियो बना लिए थे। फिर उन लोगों के हो-हल्ला पर उस बच्ची को मुन्ना राम के चंगुल से मुक्ति मिली।

उसके बाद बच्ची की मां मरदह थाने में मुन्ना राम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि घटनास्थल एबीएसए का कमरा था और आरोपित भी उनका चालक था। फिर एबीएसए की भाड़े की गाड़ी के मालिक भी मरदह कंपोजिट स्कूल के ही शिक्षक राजेश भारती थे। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ अफसरान उस मामले को भरसक दबाने में लग गए मगर वीडियो वायरल होने के बाद पूरा मामला ऊपर तक चला गया। दुष्कर्मी चालक को जेल भेजा गया।

पॉक्सो कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार राय ने पैरवी की। उनकी पैरवी के आगे बचाव पक्ष की एक भी दलील और सबूत टिक नहीं पाए। उन्होंने कुल आठ गवाह पेश किए। सभी गवाहों ने अभियोजन के कथानक की पुष्टि की। उस आधार पर स्पेशल जज राकेश कुमार ने बुधवार को ही आरोपित मुन्ना राम को दोषी करार दिया था और दूसरे दिन सजा भी सुना दी।

मालूम हो कि पॉक्सो कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्ची की मां एक अर्जी देकर एबीएसए कल्पना को भी आईपीसी की धारा 319 के तहत बतौर मुल्जिम मानने की गुहार लगाई मगर कोर्ट उसे खारिज कर दी। कोर्ट के उस आदेश को पीड़ित बच्ची की मां हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही एबीएसए कल्पना का आजमगढ़ जिले के लिए तबादला हो गया और मौजूदा वक्त में वह आजमगढ़ के पलन्हा ब्लॉक में तैनात हैं।

यह जरूर सुनें–अब ब्लॉक प्रमुख कसे कमर

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