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सांसद अतुल राय को जेल की सलाखों तक पहुंचाने में अंगद राय की साजिश!

गाजीपुर। घोसी (मऊ) सांसद अतुल राय को जेल की सलाखों तक पहुंचाने में क्या कुख्यात अंगद राय की साजिश है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ऑडियो इसी बात की चुगली कर रहा है। ऑडियो में दो लोग फोन पर आपस में बतिया रहे हैं। उनमें एक आवाज अंगद राय और दूसरी सत्यम राय की बताई जा रही है।

हालांकि इस ऑडियो की सच्चाई की पुष्टि ‘आजकल समाचार’ नहीं करता। अंगद भांवरकोल ब्लाक के पूर्व प्रमुख राजेंद्र राय की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सोनभद्र जेल में काट रहा है जबकि खुद अतुल राय वाराणसी के यूपी कॉलेज की एक पूर्व महिला छात्र नेता के यौन शोषण के आरोप में नैनी जेल में निरुद्ध हैं।

अंगद राय और सत्यम राय के बीच फोन पर बातचीत का वायरल ऑडियो

वायरल ऑडियो में एक बंदा दूसरे को डायरेक्शन दे रहा है कि अतुल राय के विरुद्ध यौन शोषण की दर्ज कराई जाने वाली एफआईआर में क्या-क्या कंटेंट रखा जाए और उनके लिए कौन से तथ्य दिए जाएं। इतना ही नहीं वह बंदा यह कहते भी सुनाई पड़ रहा है कि एफआईआर के लिए तहरीर खुद लिख कर उन्हें भेज देगा। वह चाहे तो जरूरत के हिसाब से उसमें संशोधन कर लेगा।

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अतुल राय के लोगों का दावा है कि ऑडियो में डायरेक्शन देने वाला बंदा अंगद राय है जबकि दूसरे छोर पर सत्यम राय है। उनका यह भी कहना है कि अंगद ने जेल से ही सत्यम को वह कॉल की थी। सत्यम गाजीपुर के भांवरकोल थाने के सियाड़ी गांव का है। वह कथित पीड़िता का मित्र और दर्ज मामले का गवाह भी है।

सोशल मीडिया पर ऑडियो के साथ ही एफआईआर के लिए वाराणसी के लंका थाने में दी गई तहरीर की रफ कॉपी भी वायरल की गई है। अतुल राय के लोगों का कहना है कि वह रफ कॉपी की हैंड राइटिंग अंगद राय की है। उसने वह रफ कॉपी भी एफआईआर दर्ज होने से पूर्व व्हॉट्सअप से सत्यम राय के जरिये कथित पीड़िता तक पहुंचाई थी। अपनी इस बात की पुष्टि के लिए अतुल राय के लोग कथित पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को उस रफ कॉपी के मजमून से शब्दशः मेल खाते बताते हैं।

मालूम हो कि अतुल राय बसपा के टिकट पर मऊ की लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। उसी बीच यूपी कॉलेज की वह पूर्व छात्र नेता पहली मई 2019 को एफआईआर दर्ज करा कर राजनीतिक धमाका कर दी थी। जाहिर है तब चुनाव अभियान में विरोधियों ने अतुल राय पर जुबानी हमला शुरू कर दिया था। तब खुद बसपा मुखिया मायावती ने अपने मिजाज के उलट ट्विट कर अपने उम्मीदवार अतुल राय का पक्ष लिया था। फिर वह उनके पक्ष में चुनावी सभा करने भी पहुंची थीं। उन्होंने साफ कहा था कि अतुल पर लगा आरोप विरोधियों की साजिश का नतीजा है। बावजूद अतुल अपने चुनाव अभियान में भूमिगत रहे। हालांकि वाराणसी पुलिस उनकी तलाश में जुटी रही। आखिर में चुनाव परिणाम आया तो वह विजयी घोषित हुए। उसके बाद अतुल राय 22 जून 2019 को वाराणसी की सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर जेल चले गए। उसके पूर्व उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार जताया था और खुद को बेकसूर बताते हुए अदालत से इंसाफ मिलने का भरोसा जताना भी वह भूले नहीं थे। सांसद निर्वाचित होने के करीब आठ माह बाद कोर्ट से अनुमति लेकर अतुल राय जेल से संसद में पहुंचे थे और सदस्यता की शपथ ली थी। अतुल राय मूलतः गाजीपुर के भांवरकोल ब्लाक के वीरपुर गांव के रहने वाले हैं और कुख्यात अंगद राय भी उसी ब्लाक के शेरपुर खुर्द का है।

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