कश्मीर में शांति स्थापित करके ही लौटूंगाः मनोज सिन्हा

भांवरकोल (गाजीपुर)। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का लंबा उद्दबोधन पूरी तरह सांविधानिक दायरे में भावपूर्ण और सारगर्भित रहा। अवसर था शुक्रवार को सहरमाडीह में नवनिर्मित भूमिहार समाज के कश्यप गोत्र के किनवार कीर्ति स्तंभ के लोकार्पण समारोह का।
श्री सिन्हा ने रुधें गले से कहा कि गाजीपुर विशेष रूप से करईल इलाके के लोगों ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है उसे वह आजीवन भूला नहीं सकते। उनकी पहचान एवं लगाव आज भी गाजीपुर की ही जनता से है और आगे भी रहेगी। वह बराबर ही गाजीपुर की जनता के बीच रहना चाहेंगे। उन्होंने कहा-आज पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। प्रधानमंत्री ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है। आपका सेवक और परिवार का सदस्य होने के नाते मैं आप सब से वादा करता हूं कि भारत के कश्मीर में शांति स्थापित करके ही लौटूंगा। निश्चित रूप से आज कश्मीर मे अमन चैन है। विस्थापित लोगों को पुनर्स्थापित कर कश्मीर में विकास की गंगा बहाके रहूंगा।
इसक्रम में श्री सिन्हा ने किनवारवंश के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि इस वंश का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। इनके पूर्वज कर्नाटक से आए और अपने शौर्य, पराक्रम से देश एवं समाज का कायाकल्प किए। इतिहास इसका गवाह है। नई पीढ़ी को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नया इतिहास रचना होगा लेकिन उसकी बुनियाद अपने पूर्वजों के इतिहास की विरासत पर ही रखनी होगी। यह न भूला जाए कि जो समाज अपने पुरखों का पराक्रम भूला देता है, उसका इतिहास एवं भूगोल स्वत: ही समाप्त हो जाता है।
इस मौके पर उप राज्यपाल ने केंद्र की मोदी सरकार की विकास नीति की भी विस्तार से व्याख्या की। कहे-साल 2014 में आई मोदी सरकार ने विकास की अवधारणा को बिल्कुल नए सिरे से बदली। इस नीति में कनेक्टिवीटी पर फोकस हुआ। देश के भीतर और देश की सरहद तक सड़कों का जाल बिछा। यह प्रमाणित है कि विकास की बुनियाद में परिवहन मुख्य है। जब परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी तो चौतरफा तेज रफ्तार विकास की गुंजाइश बनेगी लेकिन अफसोस कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इसकी अनदेखी की। अकेले सड़कों के निर्माण में वर्तमान सरकार 50 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश कर चुकी है।
उसके पूर्व श्री सिन्हा ने नवनिर्मित परिसर का फीता काटने के बाद वैदिक मंत्रों के बीच स्थापित किनवार वंश की कुलदेवी के वैदिक मंत्रोचार के बीच पूजन एवं आरती के बाद कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण किया।
लोकार्पण समारोह को राजमठ शिवाला वाराणसी के पीठाधीश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती, डॉ.आनंद शंकर सिंह, डॉ. एन राय, विजय शंकर राय , डॉ. मांधाता राय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में उपस्थित प्रमुख लोगों में विधायक अलका राय, पूर्व विधायक पशुपति नाथ राय, अशोक मिश्र, विजय शंकर राय, कृष्ण बिहारी राय, संतोष राय, नरेंद्र राय, भानु प्रताप सिंह, राजेश राय पप्पू, वीरेंद्र राय, आनंद राय मुन्ना, पीयूष राय, रवीन्द्र राय, रविकांत उपाध्याय, शशांक राय,सतीश राय, हिमांशु राय, नीशू राय आदि थे। अध्यक्षता किनवार समाज के अध्यक्ष संतोष राय एवं संचालन डॉ. व्यासमुनी राय ने किया।
…और इं. अरविंद राय को सराहना नहीं भूले मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा कीर्ति स्तंभ के निर्माण में मुख्य किरदार निभाने वाले इं. अरविंद राय को सराहना नहीं भूले। बोले-अपने पूर्वजों की धरोहर को सजाने का जो सपना इं. अरविंद राय ने देखा था। आज उसे उन्होंने पूरा करके दिखा दिया है। इसके लिए मैं उन्हें विशेष रूप से साधुवाद देना चाहता हूं। उनके अलावा अन्य अतिथियों और उपस्थित किनवार वंशीयों ने भी अरविंद राय को मुक्त कंठ से सराहा। इस मौके पर इं. अरविंद राय ने सबके प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस कीर्ति स्तंभ के निर्माण के लिए वह उप राज्यपाल मनोज सिन्हा जी का विशेष रूप से आभारी हैं। बल्कि इन्हीं की प्रेरणा से वह अपने इस सपने को साकार कर पाएं हैं। बताए कि आज से 20 साल पहले उनके मन में इस पर विचार आया था। निर्माण के लिए समाज के बहुत लोगों ने उनसे कहा था। फिर इसके लिए उन्होंने समाज के सभी लोगों की सलाह लेकर इस कीर्ति स्तंभ की संरचना एवं ढांचा तय किया। अब जबकि इसका लोकार्पण मनोज सिन्हा जी के हाथों से हो रहा है तो किनवार समाज उनका ऋणि है। इं. अरविंद राय ने उप राज्यपाल को स्मृति चिह्न भेंट किया।