राज्यपाल के हाथों सिद्धार्थ सम्मानित

गाजीपुर। समाज सेवा को ध्येय बना अपने कर्मों में जुटे गाजीपुर के युवा उद्यमी और समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने एक बार जिले का नाम में चार चांद लगाए हैं। दरअसल सिद्धार्थ सेवार्थ के नाम से मशहूर इस युवा को उनके सामाजिक कार्यों और सेवा भाव के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से सम्मान मिला है। सिद्धार्थ को यह सम्मान यूपी के शाहजहांपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया। यह कार्यक्रम विनोभा सेवा आश्रम की सेवा यात्रा के चार दशक पूरे हो जाने पर आयोजित किया गया था।
स्कूल के दिनों से ही सोशल वर्कर हैं सिद्धार्थ
सिद्धार्थ अपने स्कूल के दिनों से ही छोटे बड़े कामों से लोगों की मदद करते चले आ रहे हैं। जब सिद्धार्थ अपने कॉलेज दिनों में जीएलए मथुरा में थे तब वो अपने कॉलेज में ही हर रोज शाम को आस पास के मजदूर के बच्चों को एक जगह जुटा कर उनको पढ़ाते थे। आगे की पढ़ाई के लिए जब वो रायपुर गए तो वहां भी कॉलेज में आयोजित होने वाली गतिविधियों में वह बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे और पास के गांव में आया जाया करते थे। घर से उन्हें जो अपने खर्च के लिए पैसे मिलते थे उनसे वो वहां के आदिवासी समाज के बच्चों के ऊपर, उनकी जरूरतों के लिए खर्च कर देते थे।
फिलहाल सिद्धार्थ गाजीपुर में किए जाने वाले अपने सेवा कार्यों के लिए मशहूर हैं। वह गाजीपुर जिले में अनेको बच्चों को पढ़ाने, शादी करवाने, स्वच्छता अभियान चलाने, गरीबों के लिए घर बनवाने, पौधरोपण जैसे काम कर रहे हैं। इससे पहले भी सिद्धार्थ को तमाम पुरस्कार-सम्मान हासिल हो चुके हैं। शाहजहांपुर के कार्यक्रम में ग्राम श्री संस्था की अध्यक्ष व आनंदीबेन पटेल की पुत्री अनार पटेल, विनोभा सेवा आश्रम के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित रमेश समेत तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
सिद्धार्थ की परम आस्था विनोभा भावे पर रही है और वह उनके संदेश को जन जन तक पहुंचाने का कार्य भी करते आये है। जिसके लिए उन्हें यह सम्मान मिला।
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