फिर फूंफकारने लगी गंगा, अबकी पेश करेगी तबाही का मंजर!

गाजीपुर। गंगा एक बार फिर उफान पर हैं। बल्कि इस बार गंगा का वेग खतरनाक लग रहा है। यहां तक कि पिछले कई सालों के बाढ़ के रिकार्ड भी टूट जाएंगे। जाहिर है कि पहले से ही गंगा का पेटा पानी से भरा है और ऊपर से आया अतिरिक्त पानी तटीय इलाकों में कहर बरपाएगा।
गुरुवार की शाम पांच बजे जिला मुख्यालय पर गंगा का जल स्तर 62.840 मीटर रिकार्ड हुआ जबकि बढ़ाव की रफ्तार प्रति घंटा दो सेंटीमीटर थी।
सिंचाई एवं बाढ़ विभाग के एक्सईएन आरके चौधरी ने बताया कि गंगा में बढ़ाव की रफ्तार 27 अगस्त तक और तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गंगा में ऊपर से पानी के लगातार आवक के कारण बढ़ाव का क्रम 31 अगस्त तक जारी रह सकता है। एक सप्ताह के अंदर गंगा के जलस्तर में दोबारा वृद्धि के सवाल पर इं.चौधरी ने बताया कि राजस्थान के धौलपुर स्थित कोटा बैराज से 36.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वह पानी चंबल नदी के जरिये यमुना के रास्ते गंगा में आ रहा है। चंबल में बढ़ाव का आलम यह है कि पिछले 26 साल का रिकार्ड टूट गया है और यह भारी बारिश के कारण हुआ है। फिर मध्य प्रदेश में बेतवा नदी भी तबाही का मंजर पेश कर रही है और बेतवा का पानी भी यमुना से गंगा में आ रहा है।
इधर गंगा में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम एमपी सिंह ने अपने कैंप कार्यालय में संबंधित अधिकारियों संग बैठक कर एहतियाती उपायों को लेकर विस्तार से चर्चा की और संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बाढ़ चौकियों को एक्टिव करने को कहा। बाढ़ चौकियों पर लाईट, जनरेटर, खाद्य समाग्री व अन्य जरूरी सामग्री समुचित व्यवस्था में उपलब्ध कराने का आदेश दिया। बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों, पशुओं को चिह्नित सुरक्षित स्थनों पर पहुंचाने को कहा। पीड़ित ग्रामीणों के लिए खाद्य सामग्री तथा पशुओं के चारे के इंतजाम करने का भी आदेश दिया। बैठक में एडीएम अरुण कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच एडीएम ने बताया कि गंगा में बाढ़ को लेकर जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम 24 घंटे ऑपरेट करने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।