गंगाः तेजी से घटाव शुरू, तटवर्तियों ने ली राहत की सांस

गाजीपुर। गंगा में घटाव तेजी से शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय पर प्रतिघंटा दो सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर खिसक रहा है। शनिवार की रात आठ बजे जलस्तर उतर कर 64.530 मीटर पर आ गया था।
बाढ़ (सिंचाई) विभाग के एक्सईएन आरपी चौधरी ने बताया कि गंगा के घटने का क्रम शुक्रवार की रात से ही शुरू हो गया था। शुरू में उसकी रफ्तार कम रही लेकिन फिर इसमें गति आई। ऊपर प्रयागराज में गंगा का जलस्तर प्रतिघंटा छह और वाराणसी में प्रतिघंटा चार सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी घट रहा है। लिहाजा गाजीपुर में भी गंगा के घटने में तेजी आएगी।
गंगा के घटने से तटवर्ती लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी जलजमाव के कारण उनकी दुश्वारियां बनी हुई हैं। पशुओं के लिए चारा का भी संकट खड़ा हो गया है। राहत शिविरों में अभी बाढ़ पीड़ित बने हुए हैं। डीएम एमपी सिंह एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह करंडा ब्लॉक के बाढ़ क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। पीड़ितों से राहत सामग्री की उपलब्धता और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लिए। उसीक्रम वह प्राथमिक विद्यालय दीनापुर पहुंचे और शरण लिए बाढ़ पीड़ितों में राहत समाग्री वितरित किए। डीएम ने वहां पकाये जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी परखी। इस अवसर पर एसडीएम सदर अनिरूद्ध प्रताप सिंह, तहसीलदार मुकेश कुमार सिंह आदि भी उनके साथ थे।
बाढ़ जनित रोगों का प्रकोप शुरू
बाढ़ जनित रोगों की चपेट में भी लोग आने लगे हैं। शहर के बाढ़ प्रभावित इलाका रजागंज में दूसरे दिन शनिवार को भी लगे मेडिकल कैंप में इसकी पुष्टि हुई। कैंप प्रमुख समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी ने आयोजित किया था। कैंप में बाढ़ जनित रोगों से करीब 250 लोग पहुंचे। उनमें सबसे ज्यादा चर्म रोग, उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। उनको निःशुल्क दवा उपलब्ध कराई गई। कैंप में तीन डॉक्टरों का पैनल था। मेडिकल कैंप के अलावा शम्मी के भोजनालय का भी दूसरा दिन था। पहले दिन से दोगुने करीब एक हज़ार बाढ़ पीड़ितों को भरपेट भोजन कराया गया। इस मौके पर शम्मी ने अपनी संकल्पद्धता दोहराते हुए कहा कि जब तक बाढ़ तब तक भरपेट भोजन, दवा पीड़ितों को वह अपनी ओर से उपलब्ध कराते रहेंगे।
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