गोरखपुर में तहसीलदार के बिगड़े बोल : पत्रकार को गालियाँ, वकीलों को दलाल कहने पर पद से हटाए गए, अधिवक्ताओं का दो दिन का न्यायिक बहिष्कार

गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की सदर तहसील में तैनात तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह एक वायरल ऑडियो क्लिप के चलते विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस करीब डेढ़ मिनट की क्लिप में तहसीलदार एक पत्रकार को लगातार अपशब्द और गालियाँ देते हुए सुनाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 46 बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यही नहीं, उन्होंने एक महिला लेखपाल को लेकर एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कराने की धमकी भी दी।
ऑडियो वायरल होते ही जिले में सियासी और सामाजिक हलचल मच गई। जब यह क्लिप कलक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं तक पहुंची, तो वकीलों को ‘दलाल' कहे जाने पर आक्रोश फूट पड़ा। जिला अधिवक्ता संघ ने इसके विरोध में दो दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सदर तहसील के पद से हटा दिया और उन्हें प्रतीक्षारत घोषित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अब सदर तहसील की जिम्मेदारी कैंपियरगंज के तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद कुशीनगर की एक महिला की वरासत से जुड़े मामले को लेकर उठा, जिस पर पत्रकार ने सवाल उठाए थे। इसी के बाद तहसीलदार ने पत्रकार और वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
इस पूरे मामले में जिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण दामोदर पाठक ने कहा कि न्यायिक बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ता संघ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजस्व परिषद अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगा। साथ ही, जिलाधिकारी से मुलाकात कर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग भी की जाएगी।