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वरिष्ठ शिक्षक नेता विनोद सिंह नहीं रहे, वाराणसी के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

गाजीपुर। वरिष्ठ शिक्षक विनोद कुमार सिंह (60) अब नहीं रहे। वह काफी दिनों से कैंसर से पीड़ित थे लेकिन लंबे इलाज के बाद उनमें सुधार भी हो रहा था, मगर मंगलवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां बुधवार की शाम करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

परिवार के निकटस्थ सूत्रों ने बताया कि विनोद सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कटरिया (करंडा) लाया जा रहा है। दाह संस्कार पांच नवंबर की सुबह पैतृक गांव के ही गंगा घाट पर होगा।

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विनोद सिंह करंडा इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के प्रवक्ता थे। माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे। उनकी पहचान जुझारु शिक्षक के रूप में थी। राजनीतिक रूप से उनका जुड़ाव भाजपा से था। उनकी पत्नी रीना सिंह कटरिया की पूर्व ग्राम प्रधान हैं। उनके दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र आशुतोष सिंह आशु कारोबारी हैं जबकि छोटे पुत्र डॉ.अविनाश सिंह गौतम शहर के जानेमाने फिजियोथेरेपिस्ट हैं।

विनोद सिंह के निधन पर राजनीतिक लोगों ने भी शोक संवेदना जताई है। सपा के नेता डॉ.समीर सिंह ने इसे अपनी निजी क्षति बताते हुए कहा है कि विनोद सिंह संघर्षशील शिक्षक नेता थे। शिक्षकों के हित के लिए किसी भी हद तक जाने से हिचकते नहीं थे। उधर भाजयुमो के पूर्व प्रदेश मंत्री योगेश सिंह ने भी विनोद सिंह के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह उनके अभिभावक तुल्य थे।

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