पुलिस से खफा युवा सपाई, खुद के खिलाफ दर्ज केस वापस न लेने पर करेंगे आंदोलन

गाजीपुर। खुद पर पहले लाठी चार्ज फिर एफआईआर से युवा सपाई बेहद खफा हैं। उन्होंने अब एफआईआर वापसी की मांग को लेकर सड़क पर उतरने की धमकी दी है।
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होटल राही में बुधवार की दोपहर इस मुद्दे को लेकर जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र यादव सत्या और डॉ. समीर सिंह मीडिया से मुखातिब हुए। बोले- प्रदेश की योगी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत काम कर रही है। गरज यही कि उसकी मनमानी और निरंकुशता के विरुद्ध कोई आवाज न उठे। जिला मुख्यालय पर सपा के युवा निहत्थे कार्यकर्ताओं पर बर्बर पुलिसिया कार्रवाई भी उसी का परिणाम रहा लेकिन योगी सरकार मुगालते में है कि वह सपा के युवा कार्यकर्ताओं की आवाज को दबा देगी। उनका कहना था कि इस सरकार में युवा, छात्र, किसान, मजदूर, व्यापारी सहित लगभग हर वर्ग के लोग पीड़ित हैं लेकिन उनके पक्ष में कोई आवाज न उठे, इसके लिए सरकार हर हथकंडे अपना रही है।
नेता द्वय ने धमकी दी कि अगर युवा पार्टीजनों के विरुद्ध शहर कोतवाली में दर्ज एफआईआर वापस नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।

मालूम हो कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी के यूथ फ्रंटल के कार्यकर्ता राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने के लिए बीते सोमवार की सुबह समता भवन से निकले थे। तब मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लागू निषेधाज्ञा और कोविड-19 के प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें रोका था। उसको लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई थी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज की थी। बाद में शहर कोतवाली में आठ नामजद और करीब 50 अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई।